Search Everything

harshat mata mandir abhaneri

Harshat Mata Temple Abhaneri Dausa

harshat mata temple abhaneri dausa, harshat mata mandir abhaneri, harshat mata mandir dausa, harsad mata mandir abhaneri, harshat mata temple abhaneri, harshat mata temple dausa, harsad mata temple abhaneri, harshat mata mandir abhaneri timings, harshat mata mandir abhaneri location, harshat mata mandir abhaneri how to reach, harshat mata temple abhaneri timings, harshat mata temple abhaneri location, harshat mata temple abhaneri how to reach

हर्षत माता मंदिर आभानेरी दौसा

दौसा जिले का आभानेरी कस्बा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों की वजह से विश्व में अनूठा स्थान रखता है.

यह कस्बा जहाँ विश्व प्रसिद्ध धरोहर चाँद बावड़ी की वजह से ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है वहीँ दूसरी तरफ हर्षत माता के मंदिर की वजह से स्थापत्य एवं कला के साथ-साथ धार्मिक स्थल के रूप में भी विख्यात है.

हर्षत माता का मंदिर और चाँद बावड़ी दोनों ही राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक हैं जिनकी देख रेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) विभाग के अंतर्गत होती है.

Location and History of Harshat Mata

हर्षत माता का मंदिर चाँद बावड़ी के समीप ही है. इन दोनों का निर्माण निकुम्भ वंशीय राजा चाँद ने आठवीं या नवीं शताब्दी में करवाया था.

हर्षत माता को हर्ष और उल्लास की देवी के रूप में जाना जाता है जिनकी कृपा आभानगरी पर हमेशा से ही रही है. माता के आशीर्वाद से राजा चाँद के शासन काल में इस नगरी की आभा दूर-दूर तक फैली हुई थी तथा राजा और प्रजा में पिता-पुत्रवत सम्बन्ध थे.

आभानगरी की बावड़ी और हर्षत माता के मदिर को देखकर कहा जा सकता है कि राजा चाँद को स्थापत्य कला से अत्यंत लगाव रहा होगा. ऐसा लगता है कि इनके काल में यह मंदिर भारत वर्ष के अन्य कलात्मक मंदिरों में अपना स्थान अवश्य रखता होगा.

कई लोग राजा चाँद का सम्बन्ध राजा भोज से भी जोड़ते हैं परन्तु अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है.

Construction and architecture of harshat mata temple

महामेरू शैली का यह पूर्वाभिमुख मंदिर दोहरी जगती पर स्थित है. मंदिर योजना में पंचरथ गर्भगृह प्रदक्षिणापथ युक्त है जिसके अग्रभाग में स्तंभों पर आधारित मंडप है.

गर्भगृह एवं मण्डप गुम्बदाकार छत युक्त हैं, जिसकी बाहरी दीवार पर भद्र ताखों में हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ उत्कीर्ण हैं.

इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि ऊपरी जगती के चारों ओर ताखों में रखी सुंदर मूर्तियाँ जीवन के धार्मिक और लौकिक दृश्यों को दर्शाती हैं.

Also read चाँद बावड़ी आभानेरी दौसा

कहते हैं कि इस मंदिर को महमूद गजनवी के समय मुस्लिम आक्रान्ताओं ने खंडित कर नष्ट कर दिया था. इस बात की गवाही, मंदिर परिसर में जगह-जगह बिखरे खंडित मूर्तियाँ, स्तम्भ आदि देते हैं.

कई मूर्तियाँ तो इतनी अधिक सजीव प्रतीत होती हैं कि जैसे अभी बोल पड़ेंगी. स्तंभों पर की हुई बारीक नक्काशी इंसानी नहीं दैविक कार्य प्रतीत होती हैं. वर्तमान में यह मंदिर अपने इन खंडित अवशेषों को अपने आगोश में समेटकर खड़ा हुआ है.

मंदिर के बाहर एक शिव मंदिर बना हुआ है. मंदिर के बाहरी मंडप को स्तंभों पर टिकाया हुआ है. इन स्तंभों पर भी बारीक कलाकृतियाँ उकेरी हुई हैं. गर्भगृह में हर्षत माता की मूर्ति सभी दर्शनार्थियों को आशीर्वाद देती प्रतीत होती है.

Harshat mata idol was made by neelam

स्थानीय निवासियों के अनुसार हर्षत माता की मूल प्रतिमा नीलम से बनी हुई बेशकीमती प्रतिमा थी जो कि अत्यंत भव्य और कलात्मक थी.

इस मूर्ति के चोरी हो जाने की वजह से बाद में दूसरी मूर्ति स्थापित की गई. वर्तमान में भक्तों को इसी मूर्ति के दर्शन होते हैं.

स्थानीय निवासियों के अनुसार पहले इस मंदिर में हर्षत माता की प्रतिमा के साथ-साथ अन्य बहुत सी बेशकीमती मूर्तियाँ हुआ करती थी. देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे तस्करों ने इन सभी मूर्तियों को चुराकर इन्हें देश और विदेश में बेच दिया.

अगर आप भारत की ऐतिहासिक, कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो आपको एक बार आभानेरी जरूर जाना चाहिए.

About Author

Ramesh Sharma
M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS

Connect with us

Follow Us on Facebook
Follow Us on Instagram
Follow Us on Twitter

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्त्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है. हमारा उद्देश्य आप तक सूचना पहुँचाना है अतः पाठक इसे महज सूचना के तहत ही लें. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी.

अगर आलेख में किसी भी तरह की स्वास्थ्य सम्बन्धी सलाह दी गई है तो वह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लें.

आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं एवं कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार UdaipurJaipur.com के नहीं हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति UdaipurJaipur.com उत्तरदायी नहीं है.