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vaishno devi mandir kundal ubeshwarji udaipur

Vaishno Devi Temple Kundal Ubeshwarji Udaipur

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वैष्णो देवी मंदिर उबेश्वरजी उदयपुर

उदयपुर शहर से लगभग 21 किलोमीटर दूर उबेश्वर महादेव का पवित्र धाम स्थित है. इस स्थान पर उबेश्वर महादेव के मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर माता वैष्णो देवी का धाम स्थित है.

यह स्थान भी उबेश्वर महादेव के मंदिर की तरह काफी प्राचीन बताया जाता है. इस मंदिर की सबसे से बड़ी विशेषता इसकी पवित्र गुफा है. यह मंदिर उदयपुर का एक मात्र मंदिर है जो पहाड़ के काफी अन्दर गुफा में बना हुआ है.

Vaishno devi temple in cave

मंदिर में प्रवेश करने के लिए हमें संकरे रास्ते से गुजरने के पश्चात गुफा के प्रवेश द्वार में जाना होता है इस प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश मौजूद है.

गुफा की कुल लम्बाई लगभग 150 फीट बताई जाती है. गुफा के मध्य भाग में यह थोड़ी चौड़ी हो जाती है जिसमे एक तरफ माता वैष्णों देवी विराजित है.

आगे बढ़ते रहने पर गुफा से बाहर निकलने का रास्ता आता है. यहाँ से हम मंदिर के बाहर आ जाते हैं.

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यहाँ से गुफा के उपरी पहाड़ी पर बने हुए मंदिर तक जाने के लिए सीढियाँ बनी हुई है. ऊपर खुली जगह में माता वैष्णों देवी सिंह की सवारी की मुद्रा में विराजित है.

यह मंदिर आस पास के पहाड़ों में सबसे उपरी जगह पर स्थित प्रतीत होता है. यहाँ से काफी दूर दूर के दृश्य दिखाई देते हैं. उदयपुर का सज्जनगढ़ पैलेस भी दिखाई देता है.

बारिश के मौसम में यह सम्पूर्ण क्षेत्र बड़ा मनमोहक हो जाता है. माता वैष्णो देवी का यह मंदिर भी जम्मू में मौजूद वैष्णों देवी के मंदिर जैसा अहसास करवाता है.

Vaishno devi temple history and foundation

मंदिर की स्थापना कई वर्षों के कठिन परिश्रम एवं देवी के आशीर्वाद से पूर्ण हुई. मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 18 अप्रैल 2005 को श्री श्री 1008 रामदासजी महाराज मौनी दाता के सानिध्य में की गई थी.

उस समय स्थापना के लिए जम्मू स्थित वैष्णोदेवी के मंदिर से ज्योत लाई गई. ये अखंड ज्योति तब से निरंतर प्रज्ज्वलित है. अब मंदिर की देख रेख वैष्णों देवी विकास समिति द्वारा की जाती है.

मंदिर के सामने ही आशीर्वाद की मुद्रा एक संत की प्रतिमा लगी हुई है. यह प्रतिमा संभवतः माता के मंदिर के संस्थापक रामदासजी महाराज की है.

अगर आप धार्मिक स्थलों के साथ-साथ प्राकृतिक स्थलों के भ्रमण के शौक़ीन है तो आपको उबेश्वर महादेव के मंदिर के साथ-साथ यहाँ भी आना चाहिए.

About Author

Ramesh Sharma
M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS

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